भारत में इस साल का सबसे बड़ा खगोलीय दृश्य चंद्रग्रहण (Blood Moon) होने जा रहा है। यह चंद्रग्रहण खास इसलिए है क्योंकि यह 82 मिनट तक पूर्णता (Total Lunar Eclipse) की अवस्था में रहेगा, जो इसे बेहद अद्वितीय बनाता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे – चंद्रग्रहण क्या है, यह कैसे होता है, कब और कहां से देखा जा सकेगा, इसके वैज्ञानिक पहलू, धार्मिक मान्यताएँ, और इस दौरान बरते जाने वाले सावधानियाँ।
⭐ चंद्रग्रहण क्या है? (Featured Snippet Style उत्तर)
प्रश्न: चंद्रग्रहण क्या होता है?
उत्तर: जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और सूर्य की रोशनी सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुँच पाती, तब चंद्रग्रहण होता है। पूर्ण चंद्रग्रहण में चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में ढक जाता है और लालिमा लिए “Blood Moon” के रूप में दिखाई देता है।
🔭 चंद्रग्रहण कैसे होता है?
चंद्रग्रहण तभी होता है जब:
- चंद्रमा पूर्णिमा की अवस्था में हो।
- सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में हों।
- पृथ्वी की छाया (Umbra) चंद्रमा पर पड़ती है।
इस प्रक्रिया में चंद्रमा सीधा अंधकारमय नहीं होता, बल्कि पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर आने वाली लाल रोशनी चंद्रमा तक पहुँचती है। यही कारण है कि चंद्रमा लाल या तांबे के रंग का दिखाई देता है और इसे Blood Moon कहा जाता है।
🕒 भारत में 82 मिनट का पूर्ण चंद्रग्रहण – तिथि और समय
भारत में यह चंद्रग्रहण खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए बेहद खास होगा।
- तारीख: 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार)
- ग्रहण की शुरुआत (आंशिक): रात 07:44 बजे
- पूर्ण चंद्रग्रहण शुरू: रात 08:52 बजे
- पूर्णता का अंत: रात 10:14 बजे
- ग्रहण का अंत (आंशिक): रात 11:23 बजे
- कुल अवधि: 3 घंटे 39 मिनट
- पूर्णता की अवधि: 82 मिनट
👉 भारत के लगभग सभी हिस्सों से यह चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा।
🌕 चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल क्यों दिखता है?
चंद्रमा के लाल दिखने का कारण पृथ्वी का वायुमंडल है। सूर्य की रोशनी जब पृथ्वी के वातावरण से गुजरती है, तो छोटी तरंग लंबाई वाली नीली रोशनी बिखर जाती है और केवल लाल रोशनी आगे बढ़कर चंद्रमा तक पहुँचती है। यही लाल रोशनी चंद्रमा को Blood Moon का रूप देती है।
📚 वैज्ञानिक दृष्टिकोण से चंद्रग्रहण
- यह एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है।
- इसका मनुष्य, जानवरों या पौधों पर कोई प्रत्यक्ष वैज्ञानिक नकारात्मक प्रभाव नहीं होता।
- NASA और ISRO जैसे वैज्ञानिक संगठन चंद्रग्रहण के दौरान पृथ्वी और चंद्रमा के अध्ययन के लिए विशेष रिसर्च करते हैं।
🙏 धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएँ
भारत में चंद्रग्रहण को लेकर विभिन्न मान्यताएँ प्रचलित हैं:
- सूतक काल: ग्रहण लगने से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, भोजन पकाना या ग्रहणीय चंद्रमा को देखने से परहेज़ किया जाता है।
- मंत्र जाप: मान्यता है कि ग्रहण के समय मंत्र जाप और ध्यान का फल कई गुना बढ़ जाता है।
- गर्भवती महिलाएँ: परंपरा के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय घर के भीतर रहने और तेज वस्तुओं से बचने की सलाह दी जाती है।
- दान-पुण्य: ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर दान-पुण्य करने की परंपरा भी है।
🛡️ चंद्रग्रहण के दौरान सावधानियाँ
- ग्रहण के दौरान भोजन न करें।
- गर्भवती महिलाएँ अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।
- ग्रहण देखने के लिए विशेष चश्मों का उपयोग करें, हालांकि चंद्रग्रहण को नग्न आंखों से देखना सुरक्षित है।
- ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करना शुभ माना जाता है।
🌍 विश्व में कहां-कहां दिखेगा यह चंद्रग्रहण?
यह पूर्ण चंद्रग्रहण केवल भारत ही नहीं बल्कि एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के कई हिस्सों से देखा जा सकेगा। अमेरिका के पूर्वी हिस्सों में यह आंशिक रूप से दिखाई देगा।
🔥 क्यों है यह चंद्रग्रहण खास?
- यह साल का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण होगा।
- 82 मिनट की पूर्णता इसे अद्वितीय खगोलीय घटना बनाती है।
- यह अगली बार इतनी लंबी अवधि तक कई वर्षों बाद ही देखने को मिलेगा।
📊 चंद्रग्रहण से जुड़ी वैज्ञानिक रिसर्च
वैज्ञानिक इस दौरान:
- पृथ्वी के वायुमंडल के घटकों का अध्ययन करते हैं।
- चंद्रमा की सतह पर सूर्य की किरणों के परावर्तन का विश्लेषण करते हैं।
- खगोलीय पिंडों की गति और गुरुत्वाकर्षण संबंधों पर रिसर्च करते हैं।
📰 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ – Featured Snippet के लिए उपयोगी)
प्रश्न 1: 18 अक्टूबर 2025 को भारत में चंद्रग्रहण कब लगेगा?
उत्तर: चंद्रग्रहण 18 अक्टूबर की शाम 7:44 बजे शुरू होगा और 11:23 बजे समाप्त होगा। इसकी पूर्णता रात 8:52 से 10:14 बजे तक 82 मिनट चलेगी।
प्रश्न 2: क्या चंद्रग्रहण देखना हानिकारक है?
उत्तर: नहीं, वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्रग्रहण देखना पूरी तरह सुरक्षित है। इसे बिना डर के देखा जा सकता है।
प्रश्न 3: चंद्रग्रहण के समय क्या नहीं करना चाहिए?
उत्तर: भोजन पकाना, ग्रहण के दौरान खाना और गर्भवती महिलाओं का बाहर निकलना वर्जित माना जाता है।
प्रश्न 4: चंद्रग्रहण लाल क्यों होता है?
उत्तर: पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर केवल लाल रोशनी चंद्रमा तक पहुँचती है, जिससे यह लाल दिखाई देता है।
✨ निष्कर्ष
भारत में 18 अक्टूबर 2025 का चंद्रग्रहण (Blood Moon) एक अनोखा अवसर है जिसे चूकना नहीं चाहिए। 82 मिनट का यह पूर्ण चंद्रग्रहण न केवल वैज्ञानिकों और खगोलविदों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि आम जन के लिए भी एक अद्भुत अनुभव होगा। धार्मिक मान्यताओं और वैज्ञानिक तथ्यों के बीच संतुलन बनाते हुए इस खगोलीय घटना का आनंद लें।
