दशहरा और रामायण: भगवान राम की विजय की प्रेरणादायक कथा

भारत की संस्कृति और परंपराओं में त्योहार केवल उत्सव नहीं होते, बल्कि ये हमारी सभ्यता, नैतिकता और जीवन मूल्यों के दर्पण भी होते हैं। इन्हीं में से एक है दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहा जाता है। यह पर्व केवल अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमें अपने भीतर की कमजोरियों और नकारात्मकताओं को परास्त करने

दशहरा 2025 कब है? तारीख, शुभ मुहूर्त, विजयदशमी पूजा का महत्व और पूरी जानकारी

भारत उत्सवों की भूमि है और हर त्योहार अपने साथ नई ऊर्जा, परंपरा और आध्यात्मिकता लेकर आता है। इन्हीं प्रमुख त्योहारों में से एक है दशहरा, जिसे विजयदशमी भी कहा जाता है। यह त्योहार अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है।रामायण की कथा में भगवान श्रीराम ने इसी दिन रावण का वध किया था। इसलिए इस दिन को ‘विजयदशमी’