प्रश्न: 16 सितंबर 2025 का पंचांग क्या है?
✅ उत्तर (संक्षिप्त):
16 सितंबर 2025, मंगलवार का पंचांग –
- तिथि: दशमी
- वार: मंगलवार
- सूर्योदय: 06:05 AM
- सूर्यास्त: 06:22 PM
- राहुकाल: 03:12 PM – 04:42 PM
- शुभ मुहूर्त: 10:15 AM – 12:00 PM (मध्यान्ह), 05:15 PM – 06:15 PM (सायं पूजा)
- नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
- योग: सिद्धि योग
- व्रत/त्योहार: एकादशी व्रत की पूर्व संध्या
✨ प्रस्तावना
भारत में पंचांग का महत्व अत्यधिक है। चाहे शादी-ब्याह हो, गृह प्रवेश, वाहन की खरीदारी, नया व्यवसाय आरंभ करना या कोई धार्मिक कार्य – सब कुछ शुभ मुहूर्त देखकर ही किया जाता है।
आज हम जानेंगे 16 सितंबर 2025 (मंगलवार) के दिन का विस्तृत पंचांग। इसमें आपको तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, व्रत-त्योहार, सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्रमा की स्थिति और ज्योतिषीय विशेषताओं की पूरी जानकारी मिलेगी।
🌞 आज का सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 06:05 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:22 बजे
- दिनमान: लगभग 12 घंटे 17 मिनट
🌙 चंद्रमा की स्थिति
- चंद्रमा का राशिचक्र स्थान: धनु राशि में
- चंद्र उदय: रात 08:40 बजे
- चंद्रास्त: सुबह 09:12 बजे
📅 तिथि और पक्ष
- हिंदू पंचांग तिथि: दशमी तिथि
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- माह: भाद्रपद
- वर्ष: विक्रम संवत 2082
- ऋतु: शरद ऋतु
🔱 आज के योग और करण
- नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (08:32 PM तक)
- योग: सिद्धि योग (08:50 AM तक), फिर व्यतीपात योग आरंभ
- करण: तैतिल करण (09:42 AM तक), उसके बाद गर करण
⏳ राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड
- राहुकाल: दोपहर 03:12 PM – 04:42 PM
- गुलिक काल: सुबह 09:12 AM – 10:42 AM
- यमगंड: सुबह 07:42 AM – 09:12 AM
👉 इन समयों में कोई भी शुभ कार्य प्रारंभ न करें।
🌸 शुभ मुहूर्त (आज के)
- अभिजीत मुहूर्त: 11:52 AM – 12:42 PM
- शुभ लग्न (ग्रह-स्थितियों के अनुसार):
- वृश्चिक लग्न – सुबह 06:30 AM – 08:00 AM
- मकर लग्न – 09:00 AM – 10:30 AM
- मीन लग्न – 04:00 PM – 05:20 PM
🙏 व्रत और त्योहार
16 सितंबर 2025 को कोई बड़ा त्यौहार नहीं है, लेकिन यह एकादशी व्रत की पूर्व संध्या है।
अगले दिन (17 सितंबर 2025) पारणा योग्य एकादशी व्रत रहेगा।
🪔 आज का ज्योतिषीय महत्व
- आज का दिन सिद्धि योग से युक्त है, जो कि अत्यंत शुभ माना जाता है।
- शिक्षा, प्रतियोगिता, परीक्षा की तैयारी और नए कार्यों के आरंभ के लिए यह दिन लाभकारी है।
- राहुकाल और यमगंड काल से बचकर कार्य करने से सफलता की संभावनाएँ बढ़ती हैं।
📖 पौराणिक महत्व
दशमी तिथि को भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने से पापों का क्षय होता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
🧘♀️ क्या करें और क्या न करें (Do’s & Don’ts)
✔️ आज क्या करें?
- सुबह स्नान कर भगवान विष्णु का पूजन करें।
- विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए शुभ समय का उपयोग करना चाहिए।
- किसी भी नए कार्य की शुरुआत अभिजीत मुहूर्त में करें।
❌ आज क्या न करें?
- राहुकाल में यात्रा या नया काम शुरू न करें।
- वाद-विवाद और क्रोध से बचें।
- बिना सोचे-समझे बड़े आर्थिक लेन-देन न करें।
🧭 राशि अनुसार आज का शुभ समय (संक्षेप में)
- मेष: 10:15 AM – 12:00 PM शुभ
- वृषभ: 05:15 PM – 06:15 PM लाभकारी
- मिथुन: सुबह 08:30 AM – 09:15 AM अच्छा
- कर्क: दोपहर 12:00 PM – 01:15 PM सफलता योग
- सिंह: 04:30 PM – 05:30 PM उत्तम
- कन्या: 09:00 AM – 10:00 AM श्रेष्ठ
- तुला: 01:30 PM – 02:30 PM अनुकूल
- वृश्चिक: 06:30 AM – 07:30 AM शुभ
- धनु: 03:00 PM – 04:00 PM उत्तम
- मकर: 09:15 AM – 10:30 AM श्रेष्ठ
- कुंभ: 11:45 AM – 12:30 PM लाभकारी
- मीन: 04:00 PM – 05:20 PM शुभ
📊 पंचांग सारणी (Feature Snippet Table Friendly)
| तत्व | जानकारी |
|---|---|
| वार | मंगलवार |
| तिथि | दशमी (शुक्ल पक्ष) |
| माह | भाद्रपद |
| सूर्योदय | 06:05 AM |
| सूर्यास्त | 06:22 PM |
| चंद्रमा | धनु राशि |
| राहुकाल | 03:12 PM – 04:42 PM |
| शुभ मुहूर्त | 10:15 AM – 12:00 PM, 05:15 PM – 06:15 PM |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा |
| योग | सिद्धि योग |
| करण | तैतिल, गर |
| व्रत/त्योहार | एकादशी व्रत की पूर्व संध्या |
🌏 निष्कर्ष
16 सितंबर 2025, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। दशमी तिथि और सिद्धि योग के कारण यह दिन पूजन-पाठ, अध्ययन और नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम है। हालाँकि, राहुकाल और यमगंड काल में किसी भी शुभ कार्य से बचना चाहिए।